
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर संसद भवन परिसर में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास में सहभागिता कर अद्भुत ऊर्जा, आत्मिक शांति और सामूहिक चेतना का अनुभव हुआ।
योग भारत की आत्मा है और आज यह विश्व का विश्वास बन चुका है। योग व्यक्ति के भीतर संतुलन, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उसे राष्ट्रहित में श्रेष्ठ योगदान के लिए प्रेरित करता है।
योग केवल शरीर को नहीं, विचारों को भी संतुलित करता है। योग हमें संवाद और संयम का मार्ग दिखाता है। लोकतंत्र के लिए संवाद अनिवार्य है, और संवाद के लिए मन का संतुलन होना चाहिए; योग इस प्रेरणा का संचार करता है।
स्वस्थ शरीर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। योग इसका सुलभ, वैज्ञानिक और समावेशी समाधान प्रस्तुत करता है।
हमारी यह प्राचीन विद्या स्वयं से साक्षात्कार करवाती है। आज की डिजिटल पीढ़ी को स्क्रीन टाइम और स्ट्रेस के बीच संतुलन बनाने के लिए भी योग को नियमित जीवनशैली बनाना होगा।
योग की यह प्राचीन भारतीय परंपरा आज सम्पूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित और सौहार्दपूर्ण जीवन का मार्ग दिखा रही है। आइए, आज International Yoga Day 2026 के अवसर पर योग को जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाना सुनिश्चित करें।